आज का पंचांग (20 फरवरी, 2021)

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अष्टमी/नवमी
सूर्योदयः- प्रातः 06:33:48
सूर्यास्तः- सायं 05:49:24
विशेषः– शनिवार के दिन पीपल के नीच हनुमान चालीसा पढ़ने और गायत्री मंत्र का जाप करने से भय नहीं लगता है और समस्त बिगड़े काम बनने लगते हैं।
विक्रम संवतः- 2077
शक संवतः- 1942
आयनः- दक्षिणायन
ऋतुः- बसंत ऋतु
मासः- माघ माह
पक्षः- शुक्ल पक्ष
तिथिः- अष्टमी तिथि 13:45:46 तक तदोपरान्त नवमी तिथि
तिथि स्वामीः- अष्टमी तिथि के स्वामी भगवान शिव जी हैं तथा नवमी तिथि की स्वामिनि दुर्गा जी हैं।
नक्षत्रः- रोहिणी 32:33:41 तक तदोपरान्त मृग नक्षत्र
नक्षत्र स्वामीः- रोहिणी के स्वामी चन्द्र देव हैं तथा मृग नक्षत्र के स्वामी मंगल देव हैं।
योगः- वैधृति 29:14:02 तक तदोपरान्त विषकुंभ
गुलिक कालः- शुभ गुलिक काल 06:55:00 से 08:20:17 तक
दिशाशूलः- आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से अदरक खाकर जायें।
राहुकालः– आज का राहुकाल 09:45:00 से 11:10:00 तक
तिथि का महत्वः- इस तिथि में नारियल नहीं खाना चाहिए तथा यह तिथि आभूषण, रत्न खरीदने और धारण करने के लिए शुभ है।

“हे तिथि स्वामी, योग स्वामी, नक्षत्र स्वामी, दिन स्वामी आप पंचांग का पाठन करने वालों पर अपनी कृपा दृष्टि बनाये रखना।”
ज्योतिषविद डॉ त्रिलोकनाथ, लखनऊ

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