सीएम योगी को यूपी में कोरोना का भय सता रहा है या हार का : संजय सिंह

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  • आप के यूपी प्रभारी ने पंचायत चुनाव प्रचार में एक साथ 5 लोगों से ज्यादा के एकत्र होने पर लगाई गई पाबंदी को लेकर योगी सरकार की मंशा पर उठाए सवाल

लखनऊ : कोरोना महामारी की आड़ लेकर योगी सरकार ने पंचायत चुनाव प्रचार में रोड़ा का डालने का काम किया है। हार के डर के कारण सरकार विपक्षी उम्मीदवारों को प्रचार करने से रोकने की साजिश कर रही है। पांच लोगों से ज्यादा लोग प्रचार में नहीं होंगे यह बिल्कुल बेतुका निर्णय है। सोमवार को जारी एक बयान में आम आदमी पार्टी के यूपी प्रभारी राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने चुनाव प्रचार में एक साथ 5 लोगों के एकत्र होने पर लगाई गई पाबंदी को लेकर योगी सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। पूछा- बंगाल, केरल, तमिलनाडु में घूम-घूम कर प्रचार करने वाले सीएम योगी को यूपी में कोरोना का भय सता रहा है या हार का?

संजय सिंह ने कोरोना महामारी का बहाना बनाकर विपक्षी प्रत्याशियों पर हो रही पुलिस कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि योगी तानाशाह की तरह काम कर रहे हैं। इसी का नतीजा है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा के प्रत्याशियों को किसान गांव में घुसने नहीं दे रहे हैं। किसानों को आतंकवादी, खालिस्तानी कहकर अपमानित करने वाली भाजपा सरकार को किसान सबक सिखाने के लिए तैयार बैठा है। हार के डर की वजह से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंबल पर चुनाव लड़ने के फैसले को बदल दिया और कोरोना का बहाना लेकर बेतुके फरमान जारी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री स्वयं बंगाल तमिलनाडु, केरल में घूमकर चुनावी रैली कर रहे हैं और यहां रोक लगा रहे हैं। किसानों में, छात्रों में, नौजवानों में, बहन-बेटियों में और आम आदमी में योगी सरकार के प्रति गुस्सा और नाराजगी है। पंचायत चुनाव में भाजपा बुरी तरीके से हारेगी, इसके लिए जनता अपना मन बना चुकी है।

राज्यसभा सांसद ने सरकार के इस निर्णय के खिलाफ एक ट्वीट भी किया-

“ये क्या तानाशाही है?

माना कि गाँव-गाँव में BJP प्रत्याशी दौड़ाये-पीटे जा रहे हैं? तो क्या हार के डर से विपक्ष को प्रचार नहीं करने देंगे आदित्यनाथ जी?

बंगाल केरल तमिलनाडु में घूम-घूम कर प्रचार करने वाले आदित्यनाथ जी को यूपी में कोरोना का भय सता रहा है या हार का?”

सवालों के घेरे में अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था
संजय सिंह अयोध्या की हनुमानगढ़ी के नागा साधु महंत कन्हैया दास की हत्या को लेकर राम नगरी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा किया। कहा कि यह घटना रामनगरी की छवि खराब करने वाली है। अभी अयोध्या के रुदौली में 4 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आया था। ऐसी घटनाएं वहां की पूरी पुलिसिंग पर सवाल खड़ा करती हैं। महंत की हत्या के मामले में पुलिस पुराने विवाद को कारण बता रही है। यदि ऐसा है तो सवाल खड़ा होता है कि आखिर महंत को सुरक्षा क्यों नहीं दी गई। वही इटावा में छेड़खानी का विरोध करने पर हॉकी से बहनों को पीट-पीटकर लहूलुहान किये जाने की घटना, नोएडा रेप की ताजा घटना योगी सरकार की कानून व्यवस्था को उजागर करती है। उत्तर प्रदेश में लूट, हत्या, बलात्कार की घटनाओं की बाढ़ आ चुकी है, बहन बेटियां असुरक्षित है सरकार गुंडों, माफियाओं को संरक्षण दे रही है, जिससे उनके हौसले बुलंद हैं और मुख्यमंत्री योगी बंगाल में जाकर महिला सुरक्षा पर भाषण दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश की जनता को असुरक्षा और भय के वातावरण में छोड़कर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ बंगाल चुनाव के प्रचार में व्यस्त हैं। यूपी की जनता योगी के कारनामों को देख रही है। आगामी चुनावों में जनता अपने वोट की ताकत से भाजपा को सबक सिखाने का काम करेगी ।

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