महामारी…..मम संकट भारी

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  • कोरोना से विश्व को मुक्ति दिलाने के लिए महाराजगंज सेखुई चौबे के युवाओं का विशेष अनुष्ठान

‘हरन कठिन कलि कलुस कलेसु, महामोह निसि दलन दिनेसु’ मंत्र और महामारी से मुक्ति की कामना। कोरोना के नाश के लिए ‘दीनदयाल विरद संभारी, हरहु नाथ मम संकट भारी’ जप कर प्रार्थना। महाराजगंज के सेखुई चौबे गांव के युवाओं का यह प्रयास है।
इस विकट काल में ‘कवन सो काज कठिन जग माहीं, जो नहीं होय तात तुम पाहीं’ का बोध कराकर, इनका उद्देश्य सबकी मंगलकामना के साथ उनमें हौसला भरना भी है।
कोरोना के खिलाफ विश्वव कल्याण के लिए जारी इस खास अनुष्ठान में लगे युवा राहुल चौबे इस महामारी में संक्रमित लोगों के ठीक हो जाने की प्रार्थना करते हुए कहते हैं कि रामचरितमानस में गोस्वामी जी ने कहा है ‘जेहि पर कृपा करें जनु जानीं, कवि उर अजिर नचाविह बानीं। मोरि सुुुधारिहि सो सब भांति, जासु कृपा नहि कृपा अघाती।’ इसीलिए हम रामचरितमानस पाठ करके ‘दीनदयाल विरद संभारी, हरहु नाथ मम संकट भारी’ भजकर यह कामना कर रहे हैं कि ‘सब नर करहिं परस्पर प्रीति, चलहि स्वधर्म निरत श्रुति नीति।’

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