आपका आभार, बागबां संग बगिया में लौटी बहार

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  • पांच दिन से लापता पिता डिवाइडर पर लेटे मिले तो उनके गले लग कर बेटे की आंखों से खुशी बरस पड़ी

लखनऊ : रिमझिम बारिश सुहानी हो गई। बुधवार की सुुुबह सत्यजीत जायसवाल को अमौसी सेेे शहर आने केे दौरान रास्ते में 5 दिन से लापता पिता डिवाइडर पर लेटे मिले तो उनके गले लग कर आंखों से खुशी बरस पड़ी। बागबां से बिछड़ी वीरान बगिया की आंसुओं से भीगी कहानी का सुुुखद अंत सुखद होगा, नमस्कार भारत के पाठकों की यही कामना थी। वीरान बगिया में बाहर लौट चुकी हैै। घर पर जश्न का माहौल है। उन्होंने पिता की तलाश में सहयोग और शुभकामनाओं केे लिए आप सभी का आभार जताया है।

इस मध्यम वर्गीय परिवार पर 16 जुलाई को दुखों का पहाड़ कब टूटा जब परिवार के मुखिया काशी राम जायसवाल लापता हो गए। 5 दिन से बुजुर्ग पिता की तलाश में सत्यजीत जायसवाल दर-दर भटक रहे थे। नमस्कार भारत ने उनकी कहानी शेयर करके काशी राम जी की तलाश में मदद करने की अपील अपने पाठकों से की थी। सत्यजीत जायसवाल ने नमस्कार भारत और हमारे पाठकों का आभार जताते हुए कहा कि नमस्कार भारत की खबर तेजी से वायरल होने लगी तो मेरा मनोबल बढ़ने लगा। भरोसा हो गया कि हम सब मिलकर पापा को तलाश लेंगे। नमस्कार भारत के सहयोग और उसके पाठकों के प्यार एवं समर्थन के लिए बहुत-बहुत आभारी हूं।

हर मददगार का आभार : सत्यजीत के मुताबिक, पिता काशीराम भीगते मिले। वह काफी कमजोर नजर आ रहे थे। उन्हें देखकर लग रहा था कि वो कई बार भीगे थे। किसी सज्जन ने उन्हें कपड़े पहनाए थे। कपड़े फिर से भी कर काफी गंदे हो चुके थे। वहीं कपड़े बदल खरीदकर चेंज कराया। इन 5 दिनों के दौरान जिन अनजान लोगों ने पिताजी की मदद की उन सभी का आभार।

तस्वीर खुशी की : अपने घर में भोजन के साथ बैठे काशी राम

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